वेयरहाउसिंग अधिकारी आत्महत्या मामला: मंत्री लालजीत भुल्लर के पिता को हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत

वेयरहाउसिंग अधिकारी आत्महत्या मामला: मंत्री लालजीत भुल्लर के पिता को हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत

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Warehousing officer suicide case: Minister Laljit Bhullar's father

चंडीगढ़। वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के अधिकारी गगनदीप सिंह रंधावा आत्महत्या मामले में पंजाब के कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर के पिता सुखदेव सिंह भुल्लर की कानूनी मुश्किलें फिलहाल कम होती नजर नहीं आ रहीं। ट्रायल कोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद सुखदेव सिंह भुल्लर ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन वीरवार को हाई कोर्ट से भी उन्हें तत्काल कोई राहत नहीं मिली।

अदालत ने मामले की सुनवाई शुक्रवार तक स्थगित कर दी। महत्वपूर्ण यह है कि हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान न तो कोई अंतरिम संरक्षण दिया और न ही गिरफ्तारी पर रोक लगाई। ऐसे में सुखदेव सिंह भुल्लर पर गिरफ्तारी की तलवार अब भी लटकी हुई है।

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में दलील दी गई कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं और वह जांच में शामिल होने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस आधार पर उन्हें अग्रिम जमानत प्रदान की जाए। हालांकि अदालत ने इस चरण पर कोई राहत देने से परहेज किया।


सुसाइड से पहले बनाया था वीडियो

पूरा मामला पंजाब वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के 45 वर्षीय अधिकारी गगनदीप सिंह रंधावा की मौत से जुड़ा है। रंधावा ने 21 मार्च को अमृतसर स्थित अपने घर में कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। इस सनसनीखेज घटना से पहले रंधावा ने अपने मोबाइल फोन पर एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें उन्होंने कथित रूप से कहा कि वह लालजीत भुल्लर के डर के कारण यह कदम उठा रहे हैं।


वीडियो के आधार पर पूर्व मंत्री व परिवार पर एफआईआर

मृतक के परिजनों की शिकायत और वीडियो के आधार पर पुलिस ने लालजीत सिंह भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर तथा निजी सहायक दिलबाग सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने समेत विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी। इस हाई-प्रोफाइल मामले में लालजीत सिंह भुल्लर की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है।

एफआईआर दर्ज होने के  बाद भी सुखदेव सिंह भुल्लर की गिरफ्तारी नहीं होने से जांच की दिशा और पुलिस कार्रवाई पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। अब सबकी नजरें शुक्रवार को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिक गई हैं, जहां यह तय होगा कि सुखदेव सिंह भुल्लर को गिरफ्तारी से राहत मिलती है या कानून का शिकंजा और कसता है।